BH Series Registration Online Process 2025: BH (भारत) Simply वाहन रजिस्ट्रेशन उन लोगों के लिए बनाया गया है जो अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होते हैं। अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं, डिफेंस क्षेत्र से जुड़े हैं, या प्राइवेट नौकरी में बार-बार ट्रांसफर होता है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहां हम BH सीरीज़ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड, जरूरी दस्तावेज और FAQs शेयर करेंगे।
BH सीरीज़ रजिस्ट्रेशन के फायदे
- पैन-इंडिया वैधता: BH नंबर प्लेट वाले वाहन पूरे भारत में चलाए जा सकते हैं।
- राज्य बदलने पर टैक्स नहीं: पारंपरिक रजिस्ट्रेशन की तरह हर राज्य में टैक्स नहीं देना पड़ता।
- लॉन्ग टर्म टैक्स: टैक्स की वैधता 2 साल होती है, जो सामान्य वाहनों से दोगुनी है।
- Hassle-Free प्रक्रिया: ऑनलाइन आवेदन में सिर्फ 30 मिनट लगते हैं।
उदाहरण:- दिल्ली में रजिस्टर्ड BH सीरीज़ कार को बिना अतिरिक्त शुल्क के हैदराबाद या चेन्नई में चलाया जा सकता है।
BH सीरीज़ के लिए पात्रता (Eligibility)
- सरकारी कर्मचारी: केंद्र/राज्य सरकार, PSUs, या स्थानीय निकायों में कार्यरत।
- प्राइवेट सेक्टर कर्मचारी: कंपनियाँ जो 4+ राज्यों में कार्यालय रखती हों (Employee ID और ट्रांसफर लेटर जरूरी)।
- डिफेंस पर्सनल: सेना, नौसेना, वायु सेना, या अर्धसैनिक बलों के सदस्य।
- परिवार के सदस्य: पात्र व्यक्ति के पति/पत्नी, बच्चे, या माता-पिता।
नोट:- पात्रता प्रमाण (जैसे ट्रांसफर लेटर) जमा करना अनिवार्य है।
BH सीरीज़ रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आवेदक का आईडी प्रूफ: आधार कार्ड, पैन कार्ड, या पासपोर्ट।
- पता प्रमाण: बिजली बिल, रेंट एग्रीमेंट (रजिस्टर्ड), या ड्राइविंग लाइसेंस।
- रोजगार प्रमाण:
- सरकारी कर्मचारी: Office ID + ट्रांसफर आदेश।
- प्राइवेट कर्मचारी: कंपनी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण + Appointment Letter।
- वाहन संबंधी दस्तावेज:
- चालान (Invoice)
- बीमा पॉलिसी (कम से कम थर्ड-पार्टी कवर)
- PUC प्रमाणपत्र
- फॉर्म 20: डीलर द्वारा भरा और साइन किया गया।
ध्यान रखें:- सभी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी (PDF/JPEG) 1 MB से कम साइज की होनी चाहिए।
BH सीरीज़ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की चरणबद्ध प्रक्रिया
चरण 1: पारिवाहन पोर्टल पर जाएं
- पारिवाहन वेबसाइट खोलें।
- ‘Online Services’ सेक्शन में ‘Vehicle Registration’ चुनें।
चरण 2: नया आवेदन शुरू करें
- ‘BH Series Registration’ विकल्प पर क्लिक करें।
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से रजिस्टर करें (OTP वेरिफिकेशन होगा)।
चरण 3: फॉर्म 20 भरें
- वाहन का प्रकार (कार/बाइक), इंजन नंबर, चेसिस नंबर, और डीलर का विवरण डालें।
- पात्रता का कारण चुनें (जैसे सरकारी नौकरी) और संबंधित दस्तावेज अपलोड करें।
चरण 4: शुल्क जमा करें
- रजिस्ट्रेशन फीस: ₹600 से ₹1,400 (वाहन के प्रकार के आधार पर)।
- रोड टैक्स: वाहन की CC और ईंधन प्रकार के अनुसार (ऑटो-कैलकुलेटेड)।
- भुगतान UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, या Net Banking से करें।
चरण 5: वाहन जांच (इंस्पेक्शन)
- RTO अधिकारी वाहन की फिजिकल जांच करेंगे। अपॉइंटमेंट की तारीख ऑनलाइन चुनें।
- जांच के बाद, HSRP (हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट) 15 दिनों में डिलीवर हो जाएगा।
BH सीरीज़ रजिस्ट्रेशन में आम गलतियाँ और समाधान
1. गलत पात्रता प्रमाण जमा करना
- समाधान: सिर्फ सूचीबद्ध दस्तावेज ही अपलोड करें (जैसे ट्रांसफर लेटर या कंपनी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण)।
2. इंस्पेक्शन में देरी
- समाधान: अगर आप अपॉइंटमेंट पर नहीं पहुँच सकते, तो RTO को 48 घंटे पहले ईमेल करें।
3. HSRP न मिलना
- समाधान: पारिवाहन हेल्पलाइन (1800-123-3020) पर शिकायत दर्ज कराएँ।
BH सीरीज़ से जुड़े महत्वपूर्ण नियम
- टैक्स रीन्यूअल: 2 साल बाद ऑनलाइन पोर्टल से टैक्स भरें।
- पते में बदलाव: नया पता RTO को सूचित करना अनिवार्य है (फॉर्म 33 भरें)।
- वाहन बेचते समय: खरीदार को NOC दें और RTO में स्वामित्व ट्रांसफर कराएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQs
Q1: क्या BH सीरीज़ रजिस्ट्रेशन के लिए वाहन नया होना जरूरी है?
हां, सिर्फ नए वाहन (डीलर से खरीदे गए) ही BH सीरीज़ में रजिस्टर हो सकते हैं।
Q2: क्या BH सीरीज़ वाहन को किसी भी राज्य में बेच सकते हैं?
हां, लेकिन खरीदार को BH सीरीज़ की पात्रता पूरी करनी होगी।
Q3: रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
ऑनलाइन आवेदन के 7-10 कार्यदिवसों में HSRP मिल जाता है।
Q4: BH सीरीज़ टैक्स कितना होता है?
यह वाहन की CC और ईंधन पर निर्भर करता है। उदाहरण: 1500 CC पेट्रोल कार का टैक्स ≈ ₹14,000 (2 साल के लिए)।
Q5: क्या BH सीरीज़ वाहन पर लोन ले सकते हैं?
हां, सभी प्रमुख बैंक BH सीरीज़ वाहनों के लिए लोन देते हैं।
निष्कर्ष:
BH सीरीज़ रजिस्ट्रेशन उन लोगों के लिए आदर्श समाधान है जो बार-बार राज्य बदलते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के लिए दस्तावेज पहले से तैयार रखें और पात्रता नियम ध्यान से पढ़ें। अगर आपको कोई समस्या आती है, तो पारिवाहन हेल्पलाइन या RTO कार्यालय से संपर्क करें।
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लेखक के बारे में: यह लेख एक ऑटोमोटिव विशेषज्ञ द्वारा लिखा गया है, जो भारतीय परिवहन नियमों पर 10+ वर्षों से गाइडेंस प्रदान कर रहे हैं। सभी जानकारी पारिवाहन पोर्टल और सरकारी अधिसूचनाओं पर आधारित है।